पूरे इलाके में होती थी खूबसूरत पत्नी की चर्चा, इसके बाद पति ने जो किया वो...

उसका दोष केवल इतना था कि वह बला की खूबसूरत थी और गाँव के युवा उसे छुपकर देखने के लिए तरह-तरह के जतन करते थे। यह बात पति को पसंद नहीं आई, जिसने उसे शकी बना दिया और पति पत्नी के रिश्तों की डोर कमजोर होती चली गई। इसके बाद शकी पति ने अपनी खूबसूरत पत्नी को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि गांववाले कांप उठे। यह घटना इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के इटगांव की है। इटगांव के होमगार्ड प्रमोद कुमार का बेटा सोनू यादव करीब आठ साल पहले बिहार गया और गरीब परिवार की बेटी बबिता की शादी एक मंदिर में करने के बाद घर ले गया। दोनों हँसी खुशी रह रहे थे। 
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इस दौरान उनकी दुनिया में 5 साल की बेटी शिवानी, 3 साल का बेटा आदित्य और 2 साल का आर्यन भी पैदा हुए। सोनू की माँ की मृत्यु हो गई थी और केवल होमगार्ड पिता ही बचे थे। बबिता घर को अच्छे से संभाल रही थी। बबिता बला की खूबसूरत थीं और शादी के बाद उसकी खूबसूरती और बढ़ गई। गाँव के युवा उसे देखने के लिए उसका पीछा करते थे। यह सब सोनू को बहुत खराब लगता था। सोनू को संदेह था कि पत्नी की सुंदरता ने उसे चाहने वालों की संख्या में वृद्धि की है और ऐसा ही रहा तो बबिता घर के सारे मान मर्यादा को भूल जाएगी। उसने बबिता को गाँव के लोगों से बात करने को मना किया था लेकिन बबीता नही मानी।

ढेर में जिंदा जल गई पत्नी
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे बेटे ने बबिता से किसी बात को लेकर सोनू का विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सोनू ने बबीता को पीटना शुरू कर दिया। उसकी चीखें आस-पड़ोस के परिवारों तक पहुँच रही थीं, कुछ देर बाद चीख बंद हो गई। इससे लोगों को लगा कि सोनू हमेशा की तरह बबिता की पिटाई कर रहा होगा और अब मामला शांत हो गया है।
इधर सोनू अधमरी हालत में बबिता को घर से करीब 70 कदमों की दूरी पर लगी कंडों (उपले) की करीब 10 फीट ऊंची बिठईया ले गया। उपलों के ढेर में बबिता को डालने के बाद आग लगा दी। बबिता की उपलों के ढेर के बीच जिंदा जलकर मौत हो गई। अचानक कुछ लोग बाहर आए और उपलों के ढेर को जलते तो शक हुआ। घर में किसी के न होने पर पुलिस को सूचना दी गई। गांव पुलिस ने फायर ब्रिगेड बुलाकर आग बुझवाई और बबिता का अधजला शव निकाला। फिलहाल घटना के बाद आरोपी पति फरार हो गया।