पत्नी फोन पर हमेशा रहती थी बिजी, इस बात से परेशान पति ने एक दिन कुछ ऐसा की सभी हैं हैरान

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करीब 12 फीट गहरे सेप्टिक टैंक में सीमा का शव था। पुलिस को शव बरामद करने के लिए रविवार को मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने सबसे पहले सेप्टिक टैंक को तुड़वाया। इसकी सफाई के लिए कर्मचारियों को लगाया गया। शव के एक-एक टुकड़े को बरामद करना था। पुलिस पूछताछ में आरोपी आशु ने पत्नी पर शक के कई कारण गिनाए। इसमें उसका वॉट्सऐप पर लगातार चैटिंग करती थी और फोन करने पर सीमा का नंबर बिजी रहना शामिल है। उसे इस बात का शक था कि वह किसी से लगातार चैटिंग करती है। मोबाइल चेक करने के लिए कई बार आशु ने कोशिश की। मगर, मोबाइल लॉक होने की वजह से उसका शक बढ़ गया। दोनों के बीच इस बात को लेकर आए दिन तकरार होती थी। 
आशु अक्सर सीमा को मारता-पीटता था। चरित्र को लेकर गंदी बातें बोलता था। पुलिस जांच में पड़ोसियों ने बताया कि शनिवार रात हत्या से पहले उन्होंने सीमा को आते हुए देखा था। घर में देर रात तक चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के मुताबकि, तीन महीने से आशु, सीमा और तीनों बेटियों को लेकर किराड़ी इलाके में ही किराए के मकान में रहता था। उसका अपना मकान प्रेम नगर थर्ड में है, जहां मां और भाई रहते हैं। आए दिन झगड़े की वजह से परिवारवालों ने आशु को कहीं और रहने के लिए कह दिया था। शनिवार शाम करीब 7.30 बजे प्लानिंग के तहत वह सीमा को अपनी मां के घर लाया था। 
तीनों बेटियों को उसने घर पर ही छोड़ दिया था। उनसे कहा था कि वे तुरंत वापस आ जाएंगे। घर लाकर सीमा की हत्या कर दी। आशु के परिवार में उसके पिता राकेश पाल, मां और दो छोटे भाई हैं। 10 साल पहले सीमा और आशु की शादी हुई थी। सीमा संगम विहार की रहने वाली थी। आशु मूलरूप से हरदोई का रहने वाला है। प्रेम नगर, शनि बाजार रोड में उसका अपना मकान है। पुलिस को रविवार सुबह आशु ने थाने आकर बताया कि उसने अपनी मां के घर में अपनी पत्नी की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया है। सीमा के भाई संतोष ने बताया कि आशु ने रात करीब 11 बजे मां चमेली देवी को फोन किया था। आशु ने उनको कहा, 'मैंने तुम्हारी बेटी की हत्या कर दी है।' इसके बाद उसने फोन बंद कर दिया।