अंतर्जातीय शादी की तो बेटी के लिए ही दुश्मन बन बैठा दारोगा पिता, कोर्ट ने पति के पास भेजा

अंतर्जातीय विवाह के एक मामले में बिहार राज्य महिला आयोग की पहल और कोर्ट के निर्देश पर पीड़ित युवती को उसके पति के पास भेज दिया गया. दारोगा पुत्री के इस चर्चित मामले में बुधवार को दानापुर व्यवहार न्यायलय में 164 के तहत बयान दर्ज करवाया गया. इसमें युवती ने पति के साथ रहने की इच्छा बताई थी. जिसके बाद उसे पति के पास भेज दिया गया.

युवती ने दर्ज करवाया है अपना बयान
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दानापुर व्‍यवहार न्‍यायलय में एसीजीएम 2 के सामने दर्ज कराए अपने बयान में दारोगा की बेटी प्रीति ने स्‍वेच्‍छा से शादी करने एवं अपने पति कौशलेश सिंह के साथ रहने की बात बताई. इसके बाद न्‍यायालय के निर्देशानुसर पुलिस ने युवती को उसके पति के पास भेज दिया. बता दें कि पटना के रूपसपुर थाना में गत 3 अप्रैल को युवती की मां ने शादी की नीयत से नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई थी. इसमें कौशलेश कुमार सिंह नाम के एक युवक पर शक जताया गया था. आवदेन में बताया गया था कि 28 मार्च को घर से प्रीति‍ निकली फिर वापस नहीं आयी. जिसके बाद पुलिस ने छानबीन करते हुए 11 अप्रैल को अपहरण का मामला दर्ज किया था.

जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला कुछ यूं है कि रूपसपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली प्रीति कुमारी ने अपने माता-पिता के फैसले के खिलाफ जाकर दूसरी जाति के लड़के कौशलेश कुमार सिंह से शादी कर ली. इसके बाद से उसके घर वाले उसके दुश्मन बने बैठे. पीड़िता ने बताया कि उसके घर वाले उसके पति को मारने का प्रयास कर रहे हैं. युवती के अनुसार वह किसी तरह अपने परिवारवालों से बचते-बचाते महिला आयोग पहुंची. जहां उसने आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्र से सुरक्षा की गुहार लगाई. उसने बताया कि उसके पिता जीआरपी में पदस्थापित दारोगा हैं. जिन्होंने उसके पति के ऊपर उसके अपहरण का मामला दर्ज करवाया है.

पति के पास वापस भेज दी गई है युवती
इसी पर एक्शन लेते हुए महिला आयोग ने पहले दानापुर व्‍यवहार न्‍यायलय 164 के तहत उसका बयान दर्ज करवाने का निर्देश दिया. फिर न्‍यायालय के आदेश पर लड़की को उसके पति के साथ भेजा गया. न्‍यायालय के निर्देशानुसार पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.