अब्बु को लड़का नहीं था पसंद फिर भी बेटी ने थाने में रचाई शादी, गवाह बने पुलिसकर्मी और ग्रामीण

बिल्हौर कोतवाली परिसर में मंगलवार शाम मजहबी दीवारों को तोड़कर प्रेमी युगल दांपत्यजीवन में बंध गए। गवाह के तौर पर पुलिस कर्मी, अधिवक्ता और ग्रामीण मौके पर रहे। दो अलग-अलग धर्मों से तालुक रखने के कारण प्रेमी युगल के परिजन शादी के लिए तैयारी नहीं थे। छह दिन पहले दोनों चाेरी-छिपे अपनेघरोंसे भाग गए थे।पुलिस ने बरामद किया तो अलग रहने को तैयार नहीं हुए। आखिरकार पुलिस ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराकर दोनों को एक कर दिया।
 
परिजनों को नहीं पसंद था ये रिश्ता
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बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र स्थित जवाहर नगर में रहने वाले रोहित यादव औरखुशनुमा के बीच ढाई साल से प्रेम-प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन, खुशनुमा के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे। सभी ने रिश्ते का विरोध किया। परिजनों ने खुशनुमा का घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। जिसकी वजह से दोनों का मिलना-जुलना भी बंद हो गया।

21 मई को बरामद हुए दोनों
रोहित और खुशनुमा ने घर से भागने की योजनाबनाई। दोनों बीते 16 मई को घर चोरी छिपकर घर से भाग गए। अगले ही दिन दोनों के परिजन कोतवाली पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। बीते 21 मई को जब पुलिस प्रेमी जोड़े को पकड़ कर कोतवाली लाई तो दोनों एक-दूसरे से शादी करने की बात पर अड़ गए। थाने में पूरे दिन पंचायत चलती रही, लेकिन खुशनुमा के परिजन से संबंध के लिए तैयार नहीं हुए। प्रेमी जोड़े का कहना था कि यदि उन्हें अलग किया गया तो खुदकुशी कर लेंगे।

अफसरों को जानकारी दी, वकीलों से सलाह लेकर कराई शादी

कोतवाली इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने घटना की जानकारी उच्चधिकारियों दी। पुलिस ने अधिवक्ताओं और बिल्हौर कस्बे के संभ्रांत लोगों से विचार विमर्श कर दोनों की शादीकरा दी। इसके बाद युवकअपनी दुल्हन को विदा कराकर घर ले गया। ये शादी कानपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है।