एक ऐसी गाड़ी जिसकी सिर्फ चौकीदारी पर ही 1 लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं, जानिए कारण

शिमला के ऑकलैंड स्थित नगर निगम की पार्किंग में खड़ी पिकअप। इसकी चौकीदारी के लिए तीन चौकीदार तैनात? कर्मचारियों और पैसों की कमी का बहाना बनाने वाले नगर निगम ने अपनी पिकअप की चौकीदारी के लिए तीन-तीन चौकीदार तैनात कर दिए हैं। दिनरात यह चौकीदार पिकअप की निगरानी कर रहे हैं।
loading...
हर महीने इन कर्मचारियों की तनख्वाह पर एक लाख से ज्यादा रुपया खर्च हो रहा है। कई महीनों से यह व्यवस्था चल रही है। चौकीदार आते हैं और आठ घंटे ड्यूटी बजाकर चले जाते हैं। ऑकलैंड टनल के पास नगर निगम की अपनी पार्किंग है। इस पार्किंग में सिर्फ निगम अधिकारियों की गाड़ियां खड़ी होती हैं। दिन के समय तो दो से तीन पिकअप यहां खड़ी रहती हैं, लेकिन रात के समय सिर्फ एक कनिष्ठ अभियंता की पिकअप यहां पार्क होती है। इसे भी कई बार चालक अपने साथ ले जाता है। 
हैरानी की बात है कि इस कभी कभार लगने वाली गाड़ी की चौकीदारी के लिए नगर निगम ने तीन-तीन चौकीदार तैनात कर रखे हैं। चौकीदार रखने के पीछे निगम का अजीबोगरीब तर्क है। प्रशासन का कहना है कि गाड़ियों की तोड़फोड़ या चोरी न हों, इसके लिए चौकीदार रखे हैं। शहर के बीचोंबीच निगम को पार्किंग के भीतर खड़ी होने वाली अपनी पिकअप की इतनी चिंता है कि हर माह लाखों रुपये इसकी निगरानी पर खर्च कर रहा है। शहर में 20 हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्हें पार्किंग तक नसीब नहीं हो रहीं। इनकी गाड़ियां सड़क पर ही पार्क हो रही हैं।

दूसरी तरफ हायर कर रखे हैं होमगार्ड
जनता से टैक्स के रूप में वसूले पैसों की बर्बादी पर अब नगर निगम के अपने कर्मचारी भी सवाल उठा रहे हैं। एक ओर निगम पिकअप की चौकीदारी के लिए तीन-तीन चौकीदार तैनात कर रहा है वहीं दूसरी ओर शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर होमगार्ड जवान हायर कर रहा है। इन्हें हायर करने के एवज में भी हर महीने दो लाख रुपये से ज्यादा पैसा खर्चना पड़ रहा है।