बहाने से बुलाकर ले गया था प्रेमी, और फिर दूसरे दिन खेत में पड़ी मिली प्रेमिका

नगाइचपाड़ा में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवती की उसके प्रेमी ने अपने साथी के सहयोग से गोली मारकर हत्या कर दी। युवती की शादी की बात अन्य जगह चलने व उसके परिजनों की बंदिश से वह नाराज था। युवती गुरुवार शाम से लापता थी। शुक्रवार दोपहर उसका शव बाजरा के खेत में पड़ा मिला। दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। देर शाम एसपी देहात मणिलाल पाटीदार ने गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को प्रेस कांफ्रेंस में पेश कर बताया कि हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद कर लिया गया है। 
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नगाइचपाड़ा निवासी दिनेश कुमार की चार साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी सुनीता देवी अपनी बेटी शालू, प्रीति, सत्यम, दिव्यांश व काजल को साथ लेकर दिल्ली में रह कर सिलाई कढ़ाई का कार्य करतीं थीं। इस कार्य में शालू व प्रीति भी उनका हाथ बंटाती थीं। रक्षाबंधन पर पूरा परिवार अतरौली आया था। सुनीता देवी को नगर पालिका की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना में धनराशि मिली है। आवास निर्माण कराने के लिए वह यहां रुकी हुई थीं। बुधवार को सुनीता देवी बेटी शालू (18) को लेकर सिलाई-कढ़ाई के कार्य का भुगतान लेने दिल्ली गई थीं। गुरुवार शाम चार बजे मां-बेटी दिल्ली से लौटी थीं। 
सुनीता ने बताया कि मोहल्ले का अजय पुत्र कलक्टर व राधे उर्फ रामवतार पुत्र मलखान निवासी सूरतगढ़ शाम करीब आठ बजे उनके घर आए। दोनों शालू को बहाने से अपने साथ ले गए। देर रात तक शालू जब घर नहीं लौटी तो खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह मोहल्ले के ही राजवीर सिंह नंबरदार अपने खेत में बाजरा की फसल में निराई करने गए तो शालू की लाश उनकी चीख निकल गई। सूचना मिलने पर चेयरमैन पवन वर्मा व कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई।

राधे करना चाहता था शालू से प्रेम विवाह 
ताऊ प्रेमशंकर पुत्र बनवारी लाल की तहरीर पर पुलिस ने अजय व राधे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचे को पिलखुनी माइनर के पास से बरामद कर लिया है। कोतवाली के गांव सूरतगढ़ निवासी राधे पुत्र मलखान सिंह की बुआ का घर शालू के घर के ठीक सामने है। राधे बुआ के यहां ही रहता था। वह शालू से प्रेम करता था। घर वालों ने शालू को समझाया कि वह राधे से दूर रहे। परिजनों की बात मानकर शालू ने उससे दूरी बना ली थी। परिवार के लोग शालू की शादी कहीं और करना चाहते थे, जबकि राधे शालू से शादी करना चाहता था और वह कई बार उसे दूसरी जगह शादी करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दे चुका था।