जेल से छूटते ही सिरफिरे आशिक ने किया ऐसा कांड, जानें क्या है पूरा मामला

जो लोग सच्चा प्यार करते हैं, वो अपने पार्टनर को कभी दर्द नहीं दे सकते, लेकिन कुछ सिरफिरे आशिक ऐसे होते हैं जो अपने प्यार को पाने के लिए उसे खत्म करने तक से पीछे नहीं हटते। ऐसा ही मामला सामने आया है, दक्षिण भारत के चेन्नई शहर से। जहां पर एक सिरफिरे आशिक ने बीए फर्स्ट की छात्रा का स्कुल के बाहर सरेआम दिन के उजाले में धड़ से गर्दन अलग कर दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चेन्नई में महिला दिवस के अगले दिन महानगर के वेस्ट केके नगर इलाके में दिनदहाड़े धारदार हथियार से 19 साल की छात्रा का गला रेत दिया गया।  
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बताया जा रहा है कि हमलावर मृतका के इलाके का ही रहने वाला है। जो केके नगर में एक छात्रा का पीछा करने वाले शख्स ने उसके कॉलेज के गेट पर मार दिया। वहीं कुछ लोगों की माने तो आरोपी का दावा था कि लड़की उसकी पत्नी थी जबकि लड़की के परिवार ने इस बात का खंडन किया है। छात्रा की पहचान 20 साल की अश्विनी मोहन के रूप में हुई है। वह मीनाक्षी कॉलेज की छात्रा थी। बताया जाता है कि वह कॉलेज के पास ही थी जब आरोपी अलगेशन उसके पास पहुंचा और झगड़ा करने लगा।
पुलिस के अनुसार 19 साल की एम अश्विनी की मिनाक्षी कॉलेज के मेन गेट पर छात्रा की निर्ममता से हत्या कर दी गई।  मीनाक्षी एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च में बीकॉम फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। वह शुक्रवार को, दिन में करीब 2.45 बजे बस स्टैंड की तरफ जा रही थी कि तभी 26 साल के आरोपी अलागेसन ने उस पर खंजर से हमला कर दिया। आरोपी ने छात्रा का गला काट दिया।घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। लोगों ने छात्रा को चाकू मारकर भाग रहे आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दिया।

पुलिस से भी की थी शिकायत
चाकू के हमले से घायल अश्विनी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अश्विनी के परिजनों ने पिछले महीने अलागेसन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी क्योंकि वह उनकी बेटी का पीछा किया करता था। आरोपी छात्रा पर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था और डरी हुई अश्विनी ने भी कुछ दिनों के लिए कॉलेज जाना छोड़ दिया था।
अश्विनी ने पिछले हफ्ते ही कॉलेज जाना शुरू किया था और इधर अलागेसन को जमानत मिल गई। छात्रा की घटना ने एक बार फिर से 24 जून 2016 की उस घटना की याद दिला दी, जब इंफोसिस की कर्मचारी एस स्वाति की दिन के उजाले में चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी थी। यह घटना तब हुई थी जब वह नुंगमबक्कम जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी।