जिस दिन घर से निकलनी थी बरात, उसी दिन उठी दूल्हे की अर्थी, जानिये पूरा मामला

उत्तराखंड के साहिया इलाके में कुनवा (चकराता) निवासी किशन की गुरुवार को जहां पर धूम धाम के साथ बरात निकलनी थी। वहीं इसके उलट घर के आंगन से उसकी अर्थी उठी। इस दौरान पूरा गांव गमगीन हो गया। उसकी अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंख में नमी थी।
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आपको बता दें कि किशन(19) ने एक हफ्ते पहले अपनी प्रेमिका से भागकर मंदिर में शादी कर ली थी। उसके रिश्तेदार और प्रेमिका के रिश्तेदारों के मानने के बाद दोनों की गुरुवार को गांव में धूमधाम से शादी होनी थी। लेकिन बुधवार को ही वह शादी में हिस्सा लेने के लिए अपनी प्रेमिका और अन्य रिश्तेदारों के साथ विकासनगर से गांव जा ही रहा था।
लेकिन कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर मैगी प्वाइंट के पास चलती यूटिलिटी से गिरने के कारण उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद से पूरे घर में शादी की खुशियां मातम में बदल गई थी। जवान बेटे की मौत से जहां मां का रो-रो कर बुरा हाल था। वहीं उसकी प्रेमिका(पत्नी) बेसुध थी। उसकी आंखों के सामने ही उसकी जिंदगी उजड़ गई। 
किशन को गांव स्थित शमशान घाट में अंतिम विदाई दी गई।  चिता को मुखाग्नि देते समय पिता दलिया की आंख भी नम हो गई। वह यही सोच कर रोए जा रहे थे कि जिस बेटे की आज बरात निकलनी थी आज वहीं वह उसकी चिता को मुखाग्नि देकर उसे अंतिम विदाई दे रहे हैं। किशन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग शमशान घाट पहुंचे थे।