लालची दूल्हे के सामने पिता को रोते हुए देखकर दुल्हन ने चली अनूठी चाल, सब कर रहे सलाम..!

इस बात को हम चाह कर भी नहीं नकार सकते कि भारत में युवा आज कितना भी पढ़ लिख चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद भी वह गलत रीति रिवाजों को मानते चले आ रहे हैं। दहेज़ प्रथा भारत में सदियों से चलती आ रही है। परन्तु, आज की नई पीढ़ी में से कुछ लोग इस प्रथा के सख्त विरुद्ध है। मगर फिर भी बहुत से ऐसे लालची लोग हैं। जिन्हें अपने लालच के सिवा कुछ और नज़र नहीं आता। आए दिन दहेज़ ना मिलने के चलते बनी बनाई शादियाँ तोड़ दी जाती हैं। जिसका खामियाज़ा लड़कियों को साड़ी जिंदगी भुगतना पड़ता है।
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अगर आप अखबार पढ़ते हैं तो आपने एक बात जरुर नोटिस की होगी कि हर रोज़ किसी ना किसी लड़की की दहेज़ प्रताड़ना का एक आर्टिकल अवश्य अखबार में मौजूद रहता है। दहेज़ अभी तक लाखों बेटियों की जान ले चूका है। मगर हाल ही में एक लड़की ने इस प्रथा का विरोध करने के लिए एक अनूठी मिसाल पेश की जिसके बाद पूरा देश उसे सलाम कर रहा है।
दरअसल यह पूरा मामला राजस्थान के झुंझुनू के मेघपुर पंचोली गांव का है। जहां महिपाल सिंह खांडा की बेटी प्रियंका ने दहेज के विरुद्ध ऐसी हिम्मत दिखाई जो सब के लिए प्रेरणा बन गई। दहेज के लालची अपने होने वाले दूल्हे को सबक सिखाने के लिए इस बहादुर बेटी ने ऐसी चाल चली कि जिसे देखकर हर कोई इस बहादुर बेटी को सलाम कर रहा है। आपको बता दें कि प्रियंका की विवाह कॉन्स्टेबल आशीष के साथ होनी थी। विवाह की सभी तैयारियां हो चुकी थी लेकिन उसी वक्त दूल्हे ने ऐसी डिमांड रखी थी कि वहां मौजूद सभी लोग सन्न रह गए।
जानकारी के अनुसार लड़के ने प्रियंका के पिता से शर्त रखी कि वह प्रियंका की डोली एक शर्त में ले जाएगा यदि उसको दहेज के रूप में 25 लाख रुपए नकद, एक कार और 10 तोले की सोने की चैन दी जाएगी। विवाह के इस मौके पर इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करना प्रियंका के पापा के लिए आसान काम नहीं था। आखिरकार उन्हें कोई रास्ता नजर नहीं आया और उन्होंने दूल्हे के सामने हाथ पैर जोड़ना ही ठीक समझा। परंतु आशीष प्रियंका के पिता कैलाश हाथ पैर जोड़ने पर भी नहीं माना। महिपाल सिंह ने अपनी पगड़ी भी आशीष के पैरों में रख दी जिसे देखकर प्रियंका गुस्से से आग बबूला हो गई और विवाह करने से मना कर दिया।
प्रियंका की मां के अनुसार प्रियंका अपने पापा की सबसे लाडली बेटी थी. दोनों बाप बेटी एक दूसरे पर जान छिड़कते थे. प्रियंका के पिता ने उसके लिए एक अच्छा और भरा पूरा परिवार देखा. लेकिन वह परिवार इतना लालची निकलेगा ऐसा उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था। 

प्रियंका के परिवार वालो ने बताया है कि शुरुआत में सब ठीक रहा परंतु जब शादी की रस्में शुरू हो चुकी थी। तभी अचानक दहेज में 25 लाख नकद एवं कार की मांग रख दी। जिसके बाद महिपाल सिंह ने अपनी पगड़ी दूल्हे के पैरों में रखते हुए दहेज देने में असमर्थता जताई। अपने पिता को आशीष के पैर पकड़ते हुए देखकर प्रियंका को धक्का लगा वह अपने पिता का अपमान सहन नहीं कर सकी और विवाह करने से मना कर दिया।
प्रियंका के अनुसार जिस व्यक्ति को वह अपना जीवनसाथी बनाना चाहती थी। वह एक पत्नी से नहीं बल्कि दौलत के साथ शादी करना चाहता था। प्रियंका ने बताया कि ऐसे लालची लड़के से कोई भी लड़की विवाह नहीं करना चाहेगी। प्रियंका के मना कर देने पर बरात को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इसके बाद रिश्तेदारी में ही उनकी मुलाकात कमल नामक युवक से हुई। कमल ने प्रियंका को पसंद कर लिया उसके लिए विवाह का प्रस्ताव आगे रखा और आखिरकार प्रियंका को कमल की दुल्हनिया बना कर विदा कर दिया गया।