उफ! मां ने ही बेटी का कर दिया ये हाल, गले पर बना था चांद का निशान

दर्पण, आरोप है कि उसकी मॉ ने गला दबाकर हत्या कर दी चौरी चौरा के महादेवा जंगल गांव में एक मां पर अपनी चार वर्ष की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने पति की तहरीर पर पत्नी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
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महादेवा जंगल गांव निवासी जितेन्द्र निषाद की चार वर्ष की बेटी दर्पण की शनिवार की सुबह 7 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। बच्ची के पिता जितेंद्र ने उसकी माँ पुष्पा पर गला घोंट कर हत्या का आरोप लगाया है। उसने पुलिस को तहरीर दी है। 

पति की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया हत्या का आरोप 
औरत ने किया मना पति और देवर की साजिश बताया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वारदात की सूचना पर मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार राय ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुष्पा पर बेटी की हत्या की धारा में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की दादी ने बताया है कि उसकी मां अक्सर बच्ची की मां मारती थी। इंस्पेक्टर नीरज कुमार राय ने बताया है कि शुक्रवार को पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसी में गुस्से में आकर मां ने बच्ची की जान ले ली है। उसने अपना जुर्म कबूल किया है।

मैने नहीं मारा, पति और देवर फंसा रहें हैं 
मासूम बेटी की हत्या में आरोपी पुष्पा ने कहा है कि उसने बेटी की जान नहीं ली है। पति और देवर उसे साजिश के तहत फंसा रहे हैं। पुष्पा ने कहा है कि परिवार वालों ने उसे घर से निकाल दिया है। वह दूसरे घर में रहती थी। फिलहाल बच्ची को किसने मारा इस पर पुष्पा चुप है।

पति जितेंद्र ने कहा
जितेंद्र निषाद ने कहा है कि पुष्पा दूसरे मकान में रहती थी। वह बच्चों को अक्सर मारती-पीटती रहती थी। इसी कारण बड़ा बेटा उसके पास न रहकर अपनी दादी और चाचा के पास रहता था। पुष्पा ने ही हम लोगों के आंखों के सामने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी है। हम लोग बेटी की जान नहीं बचा पाए।

बोली दादी मैना देवी
जितेन्द्र की मां मैना देवी ने बताया है कि पुष्पा दो वर्ष से दूसरे मकान में अलग रहती थी। दो महीने पर वह कहीं से घर आई थी। अक्सर कही भाग कर चली जाती थी। उससे कोई पूछता था तो झगड़ा करती थी। उसके चलते पूरे परिवार में कलह की स्थिति थी। बच्चों के साथ उसका व्यवहार बहुत खराब था। उसी ने बच्ची की जान ली है।

बड़ा सवाल! डिप्रेशन में तो नही उठाया यह कदम
जितेंद्र निषाद गोरखपुर में अपने पिता नंदलाल के जगह पर बिजली विभाग में बतौर लाइनमैन नौकरी करता है। नंदलाल के निधन पर उसे आश्रित के तौर पर नौकरी मिली थी। जितेंद्र का पत्नी पुष्पा से अक्सर पैसे को लेकर विवाद होता रहता था। कुछ दिनों पूर्व दोनों के विवाद में पुलिस केस हुआ और जितेंद्र को पुलिस ने शांतिभंग में चालान भी किया था। पुष्पा गांव के घर से 700 मीटर दूर मंदिर के पास दूसरे घर में सात वर्षीय पुत्र व चार वर्षीय पुत्री को लेकर अलग रहती थी। उसकी पति से शिकायत थी कि वह सारी कमाई मां और भाइयों के ऊपर खर्च कर रहा है। इसको लेकर जितेंद्र से उसका विवाद होता था और डिप्रेशन में ही वह बच्चो को मारती पीटती रहती थी।