छह वर्ष के बच्चे को हुई खतरनाक बीमारी, उपचार के लिए दो करोड़ की दरकार..!

इटावा में एक छह वर्षीय बच्चे को हंडर सिंड्रोम नामक अजीब बीमारी हो गई है। दिल्ली एम्स ने विदेशी वैक्सीन से उपचार की राय देकर करीब दो करोड़ का एस्टीमेट बनाया है। इतनी बड़ी धनराशि जुटाना परिवार के लिए संभव नहीं है। सवा वर्ष से सामान्य उपचार चल रहा है। उपचार में खेती की भूमि और ट्रैक्टर तक बिक चुका है। 
सरैया गांव निवासी जगत सिंह के दो बेटे देव (6), बंटू (1) और एक बेटी गौरी (8) है। जगत ने बताया है कि तीन वर्ष पहले देव को सर्दी, जुकाम के साथ हाथ पैर में जकड़न की शिकायत हुई थी। मां मंजू सिंह ने बताया है कि पहले इटावा फिर मिनी पीजीआई सैफई में दिखाया। फायदा न होने पर कानपुर फिर लखनऊ में जांच कराई।

सरैया के छह वर्षीय बच्चे को हंडर सिंड्रोम बीमारी, विदेश से आएगी दवा

लखनऊ में जांच के बाद बच्चे को एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया। पिछले वर्ष मई में एम्स में हुई जांच में बच्चे को हंटर सिंड्रोम नामक बीमारी से ग्रसित बताया गया था। एम्स से उपचार का एक एस्टीमेट भी बनाया गया है। इसमें एक वर्ष के उपचार का खर्च 1,92,77,648  रुपये बताया था। इसमें एक इंजेक्शन की कीमत 168540.30 रुपये बताई गई थी।

पैसे के अभाव मेें परिवार वालों ने विदेशी दवा से उपचार नहीं करा पा रहे हैं। सवा वर्ष से बच्चे का सामान्य उपचार ही चल रहा है। जगत सिंह ने बताया है कि बच्चे के उपचार के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये मिले थे। इसके अलावा उपचार में पांच बीघा खेती और एक ट्रैक्टर बिक चुका है। जगत ने बताया है कि बच्चे के सिर की हड्डी बढ़ने लगती है।

इसके अलावा हाथ पैर व शरीर की अन्य हड्डियां भी अकड़ जाती हैं। दवा लेने पर आराम मिल जाती है। दवा बंद होते ही फिर परेसानी बढ़ जाती है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा है कि इस बीमारी की मुझे जानकारी नहीं है। हां बच्चे के बारे में सुना अवश्य है। मेडिकल कॉलेज या एम्स में ही बीमारी और उपचार की जानकारी मिल सकती है।