सात जन्मों का बंधन एक रात में ही टूट गया, दूल्हा और दुल्हन जिस कार में बैठे हुए थे वह..!

रात में बंधा रिश्ता और सुबह घर पहुंचने से पहले ही छूट गया। भगवान ने रात में दोनों रिश्ता बांधा और सात जन्मों के मिलने का वादा करने के बाद, सुबह जब दंपति सफर पर निकला, तो सात जन्मों का सपना सड़क पर ही टूट गया। दरअसल, जयपुर के सीकर हाइवे पर शानदार बजरी से भरी ट्रोले ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इससे उसके पीछे चल रही कार ट्रोले में घुस गई। हादसे में नवविवाहित दूल्हे की मृत्यु हो गई। जबकि उसकी पत्नी समेत 4 लोग घायल हो गए।

हादसे के बाद चालक ट्रोला छोड़कर फरार हो गया
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हादसे को देखकर ट्रोले का पीछा कर रही आरटीओ टीम भी रुकने के बजाय वहां से चली गई। आरटीओ की टीम ने घायलों की सहायता नहीं की। मृतक की मंगलवार रात को विवाह हुई थी और वह सुबह विदाई के बाद दुल्हन के साथ घर लौट रहा था। मृतक दूल्हे के घर में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन दूल्हे की मृत्यु की खबर सबसे पहले आई।
दूल्हे के पिता गोकुल प्रसाद मीणा ने आरटीओ विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक दूल्हा अजय कुमार बाड़मेर में वरिष्ठ शिक्षक के रूप में कार्यरत है। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। जहां चौमू पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर रास्ता खुलवाया।
पुलिस के अनुसार, रामगंज निवासी अजय कुमार (32) पुत्र गोकुल मीना, दुल्हन के साथ अजमेर से लौट रहा था। उसके साथ उसके जीजा और दो बहनें रितु और पिंकी भी सवार थीं। हाईवे पर जैतपुरा के पास चलती बजरी से भरे ट्रोले ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इससे कार बेकाबू हो गई और ट्रोले से टकरा गई। जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार वालों को सौंप दिया। इस संबंध में, रिश्तेदारों ने ट्रोले चालक के विरुद्ध टक्कर का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके आगे की जांच प्रारम्भ कर दी है।