अमेरिका से आए शिक्षक दिल्ली के सरकारी स्कूल देख हुए हैरान, सुविधाओं को बताया बेहतरीन

एक तरफ जहां बीजेपी दिल्ली सरकार को भ्रष्ट सिद्ध करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही, तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार की शिक्षा नीतियों की चर्चा विदेशों तक हो रही है। इसी क्रम में अमेरिका से आए कुछ शिक्षकों ने दिल्ली के स्कूलों का दौरा किया और वहां बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाओं की प्रशंसा की। 
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निजी स्कूलों की तर्ज पर बने दिल्ली के सरकारी 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' को देखने के लिए अमेरिका से 13 शिक्षक भारत पहुंचे। उन्होंने पूर्वी दिल्ली के खिचड़ीपुर स्थिति 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' का दौरा किया। इस दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने उनका अभिनन्दन किया।

अमेरिकी शिक्षकों ने की दिल्ली के शिक्षकों से बात
इस दौरान अमेरिकी शिक्षकों ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रिंसिपल, टीचर और वहां के छात्रों से भी बातचीत की। साथ ही मनीष सिसोदिया को शिक्षा के क्षेत्र में हुए बेहतरीन कामों के लिए सराहा भी। बता दें कि शुक्रवार को ये 13 शिक्षक सरकार की टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (डाइट) भी जाएंगे। जहां वो हैप्पीनेस करिकुलम के लिए शिक्षकों दी जा रही ट्रेंनिग के विषय में जानेंगे। इसके साथ ही उन्हें इस पाठ्यक्रम को लेकर सरकार की आगे की क्या-क्या नीतियां है उसेक विषय में भी जानकारी दी जाएगी।

गरीब प्रतिभावान बच्चों के लिए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
इस दौरान मनीष सिसोदिया ने बताया कि वर्तमान वक्त में निजी स्कूल और सरकारी स्कूलों के बीच में बहुत बड़ी असमानता नजर आती है। निजी स्कूलों की फीस इतनी अधिक है कि निम्न वर्ग के परिवार से आने वाले छात्रों के अभिभावक वो फीस वहन नहीं कर पाते है, जिसके चलते प्रतिभावान छात्र भी अच्छी शिक्षा पद्धति का फ़ायदा नहीं उठा पाते।
इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। जहां पर प्रतिभा से लैस प्रत्येक वर्ग, हर परिवारिक पृष्ठभूमि, हर आर्थिक पृष्ठभूमि का छात्र बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकने में सक्षम है।