पगड़ी बांध घोड़ी पर सवार हुई दुल्हन, कारण ऐसी है कि आपको भी होगा गर्व..!

दरअसल, ये पूरी घटना राजस्थान के नवलगढ़ की हैं। यहाँ खीचड़ परिवार ने हाल ही में अपनी बेटी नेहा की विवाह बड़ी धूमधाम से की है। लेकिन ये विवाह आम शादियों से थोड़ी हट के और अनोखी थी। यहाँ नेहा ने दूल्हे की वेशभूषा धारण कर राजस्थान का बनौरी / बिंदौरी नामक रिवाज पूरा किया।
इस तरह शेरवानी पहनने और घोड़ी पर सवार होने के बारे में नेहा कहती हैं कि उसके घर वालो ने कभी भी बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया। नेहा गाँव की पहली लड़की थी जिसके परिवार ने अपनी लड़की को पढ़ाई करने के लिए कोटा भेजा था। नेहा कहती हैं कि मेरे पापा ने ना सिर्फ मुझे पढ़ाई के लिए बाहर भेजा बल्कि मुझे लाइफ में आगे बढ़ने के लिए होसला भी दिया। 
इस तरह से दुल्हे के लिबाज में रिवाज निभाते हुए नेहा समाज में ये सन्देश देना चाहती हैं कि लड़का और लड़की सामान होते हैं। इनमे कोई भी भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। आईआईटी से ग्रेजुएट होने के बाद नेहा मथुरा की इंडियन आयल रिफाइनरी में जॉब करने लगी। नेहा कहती हैं कि वो बचपन से ही अपने पापा से जीन्स और टीशर्ट पहनने की जिद किया करती थी। 
ऐसे में उसके पापा ने उसकी सारी ख्वाहिशे पूरी की। उसे बचपन से एक बेटे की तरह पाला गया। राजस्थान की इस बिंदोरी प्रथा में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर रिश्तेदारों से मिलने जाता हैं। ऐसे में नेहा ने खुद ये रस्म निभाना सही समझा। इसके लिए उन्होंने शेरवानी तक पहन ली। 
जब नेहा से पूछा गया कि दुल्हे की इस रस्म को जब एक लड़की ने निभाया तो ऐसे में गाँव वालोया उर पड़ोसियों की क्या प्रतिक्रिया थी तो उसने कहा कि वैसे तो ये रस्म दूल्हा ही निभाता हैं। लेकिन जब मैंने ऐसा किया तो कई लोगो के लिए ये नई बात थी। लेकिन फिर भी गाँव के सभी लोगो ने इस कदम की तारीफ़ ही की यहाँ तक कि नेहा के ससुराल वालो को भी इससे कोई परेसानी नहीं हुई।