यहां नवजात बच्चों के सिर पर घुमाया जाता है मुर्गा, इसके लिए लगता है मेला

राजस्थान के भरतपुर में एक ऐसा मेला लगता है जहां नवजात बच्चों के सिर पर मुर्गा घुमाया जाता है और दावा किया जाता है कि ऐसा करने पर भूत-प्रेत बच्चों से दूर रहते हैं। 
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इस मेले में महिलाएं अपने नवजात शिशुओं को लेकर वहां पहुंचती हैं और मुर्गे के पैर को अपने बच्चो के सिर पर रखकर आशीर्वाद दिलवाती हैं। यह नजारा इन दिनों भरतपुर में बहुत देखने को मिल रहा है। यहां बच्चों के सिर पर मुर्गा घुमाया जाता है। मान्यता यह है कि मुर्गे को सिर पर घुमाने के बाद बच्चों को बीमारी नहीं होती है।
बच्चे को लेकर आई एक महिला का कहना है कि वे अपने बच्चों को लेकर आती हैं और मुर्गा उनके सिर पर घुमवाती हैं जिससे बच्चे नजर-गुजर सहित अनचाही बीमारियों से छुट्कारा पा सकें। बताया जाता है कि मुर्गा फेरने का यह सिलसिला वर्ष में 4 सोमवार को होता है। 
जब बच्चा एक वर्ष का होता है तो उसके सिर के बाल काटे जाते हैं और देवी पर चढ़ाए जाते हैं। वहीं बच्चों के सिर पर मुर्गा फेरने की एवज में मुर्गा के मालिक बच्चों के घर वालों से 11 रूपये से लेकर 151 रूपये तक वसूल करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह मेला जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 50 मीटर की दूरी पर सड़क पर ही आयोजित होता है।