नीतीश कुमार ने विधानसभा में कही ऐसी बात कि परेशान हों गए राज्य के लोग...!

बिहार के मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम एईएस पर विशेष चर्चा के दौरान मुजफ्फरपुर में इस गंभीर बीमारी को लेकर बड़ी बात कही विधानसभा काफी वक्त के बाद लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि यह बीमारी हम सबके लिए चिंता का विषय है।

नीतीश कुमार ने कार्य स्थगन प्रस्ताव का दिया जवाब
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में एईएस यानी चमकी बुखार पर विशेष चर्चा के दौरान प्रदेश में गंभीर सूखे की आशंका जताई है। विपक्ष के भारी हंगामा व बहिष्कार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि हमारी सरकार चमकी बुखार की दिक्कत से निपटने के लिए कृतसंकल्प है। हम इस बीमारी को लेकर गंभीर हैं। इसके लिए उपाय ढूंढ़े जा रहे हैं। इस प्रकार की बीमारी का सामना दोबारा न लोगों को करना पड़े, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। चमकी बुखार के वजह से बच्चों की मृत्यु दुखद है।

चमकी बुखार पर सीएम नीतीश कुमार ने दिया बड़ा बयान. 
सीएम नीतीश कुमार ने मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से चमकी बुखार पर लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर बहस में भाग लिया। उन्होंने कहा है कि सरकार इस गंभीर बीमारी पर काफी गंभीर है। इस बीमारी से निबटने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हमने एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर का दौरा किया। हमने देखा कि इस बीमारी से पीड़ित परिवार गरीब तबके हैं। एसकेएमसीएच में उपचार का बेहतर माहौल है। उपचार को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। इस बीमारी के उपचार के लिए हमने एक ज्वाइंट कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है। इससे उपचार के एक बिंदु पर पहुंचा जा सके।

नीतीश कुमार ने कहा, हम केवल दुख प्रकट करने में विश्वास नहीं करते
सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि पहले गोरखपुर में यह बीमारी फैली। फिर यह मुजफ्फरपुर में आई। एईएस को लेकर हमलोग लगातार बैठक कर रहे हैं। कार्य स्थगन पर चर्चा का जवाब देते हुए सीएम नीतीश ने कहा है कि हम केवल दुख नहीं प्रकट कर रहे। हमारी सरकार इस बीमारी से निपटने के लिए भूमि पर काम कर रही है। 

इस मामले में बहस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी स्थिति को सामने रखा। उन्होंने कहा है कि 12 जिलों में चमकी बुखार को लेकर व्यवस्था की गई। परन्तु बहस में भाग लेने के बाद जैसे ही सीमए नीतीश कुमार ने जवाब देना शुरू किया। राजद व भाकपा माले के विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।