इधर एक किसान की बेटी की विवाह इसलिए बन गई है चर्चा का विषय...!

एक तरफ देश में 200 करोड़ की विवज  Uttarakhand Auli Shahi Shadi 200 Crore Rupees Marriage की चर्चाएं हो रही है तो दूसरी ओर एक किसान की बेटी की विवाह शहर में चर्चा का विषय बन गई। अक्सर देखने में आता है कि शादियों में दहेज में लोग कार, मोटरसाइकिल और गांव वालों क्षेत्रों में तो ट्रेक्टर तक अपनी बेटी को देते हैं। लेकिन राजस्थान के सीकर जिले के चला गांव में हुई एक किसान के बेटी की विवाह न सिर्फ चर्चा का विषय बनी बल्कि आम लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुकता का संदेश भी दे गई। इसे ईको फ्रेंडली विवाह Eco Friendly Wedding भी कहा जा रहा है।
दरअसल कस्बे के राजस्व ग्राम बागपतनगर की ढाणी शिश्यावाली में एक किसान ने अपनी बेटी की विवाह के दौरान पति सहित सभी बारातियों को विदाई में तिलक लगाकर पौधे भेंटकर Plants To Give As Wedding Gifts पर्यावरण बचाने का संकल्प दिलाया। यह ईको फ्रेंडली विवाह पूरे शहर मे चर्चा का विषय बनी हुई है। लेकिन बेटी के पिता हरफूल सिंह काजला ने बताया है कि उसकी बेटी सरोज काजला की विवाह में बारातियों को भेंट स्वरूप पौधा दिया गया है।
इसका उद्देेश्य है कि हर व्यक्ति घर में एक पौधा लगाए, जिससे हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहे। बेटी के पिता करीब 211 पेड़ वितरित करके एक अनूठी मिसाल कायम की। सुरेन्द्र राजस्थानी ने बताया है कि श्रीमाधोपुर के कंचनपुर के पास स्थित जोरावर नगर से बारात आई थी तथा विवाह बंधन में बंधे दुल्हन सरोज व दुल्हा संजय कुमार को लडक़ी के माता-पिता ने आर्शीवाद स्वरूप एक-एक पौधा देकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। बेटी के पिता ने लडक़ी के ससुराल जोरावर नगर की श्री कृष्ण गौशाला में गौ माता के चारा के लिए 21 हजार 551 रुपए भेंट करके गौ सेवा का भी संदेश दिया।