पत्नी के सामने वर्षों तक अंधा बनकर रहा ये ये पति, कारण जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे

आज के समय में, सोशल मीडिया प्रसिद्धि के लिए एक बेहतरीन मंच बन गया है, जिसके वजह से लोग रात ही रात आसमान की ऊंचाई तक पहुंचते हैं। संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेम एक सर्वोत्तम सौगात है। प्रेम प्रकृति का वह अनमोल तोहफा है जो मानव जाति के अस्तित्व हेतु अति आवश्यक है। यदि मनुष्य के हृदय से प्रेम खत्म हो जाए तो मानव जाति के विनाश को शायद ही कोई रोक सके। आज हम आपको प्यार एक बिल्कुल सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। जिसे पढ़कर आप की भी आँखे नम हो जायेंगे। ये कहानी बैंगलोर के रहने वाले एक अमीरजादे की है।  बैंगलोर के रहने वाले एक अमीरजादे को एक किसान की बेटी से एक पार्टी में देखकर पहली ही नज़र में प्यार हो गया था। इस अमीरजादे का नाम शिवम है, दोस्तों शिवम ने उस लड़की को देखकर उसके बारे में पता लगाना शुरू किया और तब पता चला कि वह एक गरीब किसान की बेटी है। 
लड़की बेहद ही खूबसूरत और समझदार थी। शिवम ने इस लड़की को प्रपोज किया तो लड़की ने साफ मना कर दिया। लेकिन शिवम भी दिल के हाथों मजबूर था वो कहा इतने जल्दी हार मानने वाला। शिवम दूसरे ही दिन उस लड़की के परिवार के घर पहुंचा और लड़की के परिवार वालों से उसका हाथ माँगा। लड़की और लड़की के परिवार वाले विवाह के लिए तैयार हो गए। दोनों लोगों की परिवार के लोगों ने रीति रिवाज के साथ विवाह करवा दी। दोनों लोग खुशी से जीवन गुजारने लगे। किन्तु कुछ समय बाद लड़की की खूबसूरती कम होती चली जा रही थी और वो बीमार होने लगी थी। अपने चेहरे की झुर्रियां देख लड़की तनाव में आ गई कि अब उसका पति उसे छोड़ देगा क्योंकि उसका पति उसकी खूबसूरती देखकर ही उसके पास आया था।  लड़की अपने चेहरे को लेकर तनाव में रहने लगी थी। इस बात का एहशास पति को भी हो गया था की उसकी पत्नी अपनी खूबसूरती की वजह से तनाव में है।

कुछ समय बाद पति का रोड एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में उसके पति की आंखें चली गईं। इस स्थित में पत्नी ने अपने पति का बखूबी साथ निभाया और अपने अंधे पति की देखभाल करती थी। और इसके साथ ही पत्नी की चिंता भी खत्म हो गई क्योंकि पति उसे अब देख ही नहीं पायेगा। दोस्तों धीरे-धीरे पत्नी की बीमारी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि उसे एक दिन दुनिया को ही अलविदा कह दिया।पत्नी की मौत के बाद पति अकेला हो गया और काफी टूट गया। एक उसने शहर छोड़ने का निर्णय कर लिया। जब ये व्यक्ति शहर छोड़कर जा रहा था तो इसके दोस्तों ने रुकने के लिए कहा कि तुम बिना आंखों के कहां जाओगे तब उस व्यक्ति ने कहा कि मैंने बस इतने सालों से आँखें न होने का नाटक किया था ताकि मेरी पत्नी खुश रहे, मैं तो कभी अंधा हुआ ही नही था। इतना कह कर वह व्यक्ति वहाँ से चला गया।