स्कूल में शिक्षिका के बाल पकड़कर सबके सामने घसीटा, फिर फ्लोर पर पटका, अभिभावकों ने किया बीच-बचाव

सरकारी स्कूल में बच्चों को क्लास में पढ़ाने जा रही शिक्षिका को बाल पकडकऱ घसीटने और इसके बाद फर्श पर पटकने का मामला सामने आया है। गनीमत यह रही कि घटना के दौरान बाल सभा के लिए स्कूल में तैयारियों को लेकर गांव के अभिभावक आए हुए थे। जिन्होंने बीच-बचाव कर शिक्षिका को आरोपियों से छुड़ा दिया। 
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इधर, शिक्षिका ने उसके बेटे के ससुराल पक्ष वालों के विरुद्ध दादिया थाने में रिपोर्ट दी है और हमलावरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग रखी है। दादिया थाना पुलिस के मुताबिज नवलगढ़ रोड आजाद नगर में रहने वाली सरकारी शिक्षिका ने चार-पांच लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दी है। जिसमें पीडि़ता के आरोप हैं कि वह राजकीय बालिका सीनियर स्कूल दादिया में बने कार्यालय से बच्चों को पढ़ाने क्लास में जा रही थी।

अचानक स्कूल में छोटूराम, मोहन, भगवान व किशोर आदि घुस आए। जबकि तीन चार लोग स्कूल के बाहर खड़े थे। आरोप है कि इस दौरान छोटूराम ने उसके बाल पकड़े और धक्का दिया और मोहन ने उसके हाथ से किताबें छीन ली। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसको बरामदे के फ्लोर पर गिरा दिया और बाल पकडकऱ सबके सामने घसीटा। धमकी दी बताई कि मकान के ताले नहीं खोलेगी तो बहुत बुरा होगा। 

शिक्षिका के मुताबिक़ इसके बाद भगवान तथा किशोर भी उसे घसीटने लगे और गालियां देने लगे। इसके बाद गांव के अभिभावकों ने उसको उनके चंगुल से छुड़ा दिया। जबकि छोटूराम उसके पर्स से 10 हजार रुपए निकाल लिए। पीडि़ता ने नामजद लोगों के विरुद्ध राजकार्य में बाधा पहुंचाने और उसके साथ दुव्र्यहार का मुकदमा दर्ज कराया है। जिसकी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

बेटा रहता है अलग 

पीडि़ता का कहना है डरा-धमकाकर ये लोग उसके मकान पर कब्जे के कोशिश में है। क्योंकि दुव्र्यहार करने वाले उसके बेटे के ससुराल पक्ष के हैं। जबकि उसका बेटा अलग रहता है। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका बेटा कहां रहता है। आरोप है कि स्कूल आने के दौरान भी उसके पीछे गाड़ी दौड़ा कर अपहरण का कोशिश किया जाता है। मकान वह पहले ही बेच चुकी है और बहु बेचान किए गए मकान को कब्जे में लेना चाह रही है।