सिरिंज से ब्लड निकालकर महिला ने ऐसे रचा गैंगरेप की फर्जी कहानी, जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक ऐसा मामले सामने आया है जहां पर एक अस्पताल संचालिका ने फर्जी गैंगरेप की कहानी रच दिया. मामले का खुलासा तब हुआ जब वहां उसने खुद ही इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया और पूरी कहानी भी बता दिया.
दरअसल, अमरोहा में डगरौली में एक निजी अस्पताल चलाने वाली एक महिला ने अभी बीते गुरुवार को ही 6 लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया था. उसने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट पर भी चोट पहुंचाई है. महिला ने गैंगरेप का आरोप अस्पताल में अपने साझीदार ऋषिपाल के ससुर हुक्म सिंह, साले तेजवीर, साले विष्णु और शाहपुर कला निवासी अखिलेश पर लगाया था.
और फिर इसके बाद पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया. लेकिन जांच जब शुरू हुई तो पुलिस को शक हुआ और जब मेडिकल रिपोर्ट आई तब मामले का खुलासा हो गया. पोल खुलने के बाद अस्पताल संचालिका ने पुलिस के सामने सच कबूल कर लिया और पूरी कहानी भी बताई. उसने कहा कि घटना को सच्चा दिखाने के लिए सिरिंज से खून निकालकर अपने कपड़ों पर फैलाया था. 
पुलिस ने न्यायालय के सामने इस महिला के बयान दर्ज कराए. सच्चाई सामने आने पर ही पुलिस ने उसको हिरासत में लिए गए चारों नामजद आरोपियों को छोड़ दिया. आपको बता दें की ये बताया जा रहा है कि उसने यह सब इसलिए किया क्योंकि उसकी अस्पताल के साझीदार ऋषिपाल से नजदीकी है और उसे किसी मुक़दमे से बचाने के लिए इन लोगों को फंसाना चाहती थी.
बताते चलें की अस्पताल संचालिका मूल रुप से अलीगढ़ की है. पति की मौत के बाद वह देवर के साथ ही रहने लगी और उससे उसका एक बेटा भी हुआ है. देवर किसी मामले में जेल में है. इसी दौरान वह ऋषिपाल के संपर्क में आई और दोनों ने मिलकर अस्पताल खोला.