पुत्र न होने कारण क्षुब्ध महिला दो पुत्रियों सहित कुएं में कूदी, दोनों बेटियों की मौत, मां की स्थिति गंभीर

भारतीय समाज में कितनी भी जागरूकता लाई जाए किन्तु ग्रामीण परिवेश में आज भी बेटियों को बेटों के समान दर्जा नहीं दिया जाता है। जबकि लड़कियां आज खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। कृषि के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं केन्द्र व राज्य सरकारें, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि जैसी आधा दर्जन योजनाओं का फ़ायदा देकर बेटों और बेटियों के बीच भेदभाव को खत्म करने की प्रयास शुरू की है।
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किन्तु मध्यप्रदेश के सीधी जिले की एक घटना ने सबके कलेजे को झकझोर कर रख दिया है। बेटियों का गुनाह सिर्फ इतना था उनके पास एक भाई नहीं था। आए दिन सास-ससुर के ताना-बाना को सुनकर दुखियारी मां ने पति की अनुपस्थिति में अपने कलेजों के टुकड़ों को लेकर अल सुबह कुएं में छलांग लगा दी। गहरे कुएं में डूबने के कारण दो मासूम बेटियों की मौके पर मौत हो गई। वहीं कलयुगी मां जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। एक बेटी सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि वह दादा-दादी के साथ सो रही थी।

कैसे मां ने उठाया दर्दनाक कदम
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की अल सुबह 4 बजे सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत खजुरी गांव निवासी महिला सावित्री तिवारी पति कमलापति 25 वर्ष दो बेटियों सहित कुएं में कूद गई। गहरे कुआं में गिरने के वजह से दो बेटियों की मौके पर मौत हो गई। वहीं अभागन मां सुरक्षित बच गई। हालांकि आसपास के लोगों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो आनन-फानन में पुलिस की सहायता से मां को बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मासूम बेटियों के शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

समाज में बेटियां होना गुनाह
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुत्र न होने से क्षुब्ध महिला ने ये दर्दनाक कदम उठाया है। तीन बेटियों के बाद एक बेटा न होने के वजह से अक्सर सास-ससुर और गांव वाले ताना देते थे। रोज-रोज पुत्र न होने की बात से महिला दुःखी हो उठी थी। इसलिए रात में महिला ने प्लान बनाया और अलसुबह दो बेटियों को लेकर कुआं में कूद गई। तीसरी बेटी इसलिए बच गई क्योंकि वह सास-ससुर के साथ सो रही थी। यदि महिला उसको लेकर जाती तो प्लान फेल हो जाता ऐसे में दो बेटियों को लेकर की कुआं में छलांग लगा दी।

इन बेटियों की हुई मौत
पुलिस ने बताया कि रागनी तिवारी पिता कमलापति तिवारी 6 वर्ष, शुनाक्षी तिवारी पिता कमलापति तिवारी 2 वर्ष निवासी खजुरी की डूबने से मौत हो गई। वहीं मां सावित्री तिवारी पति कमलापति तिवारी 25 वर्ष का घायल अवस्था में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।