कार सवारों ने जय श्रीराम का नारा लगाने को बोला, फिर बुजुर्ग ने कुछ ऐसा बोला कि भाग गए

झारखंड में एक जगह है. नाम है जामताड़ा. वहां पर एक बुजुर्ग ठेले पर फल बेच रहा था. इसी बीच कार सवार कुछ लोग आए और बुजुर्ग को भला-बुरा कहने लगे. इसके बाद बुजुर्ग को जबरन जय श्रीराम के नारे लगाने को कहा. 
loading...
बुजुर्ग ने जय श्रीराम का नारा तो नहीं लगाया, किन्तु कुछ ऐसा बोला कि कार सवार उल्टे पांव भागते हुए नज़र आए. दरअसल उस बुजुर्ग ने नारे वाली बात पर रामचरित मानस की एक पूरी चौपाई ही सुना दी. उस बुजुर्ग ने कहा- ‘बैर न कर काहू सन कोई, राम प्रताप विषमता खोई.’
बुजुर्ग से जय श्रीराम का नारा लगाने को कहा गया, उन्होंने चौपाई सुना दी. इस चौपाई को सुनने के बाद कार सवारों के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं था. बुजुर्ग ने राम का भी नाम ले लिया और संदेश भी दे दिया. इस दौरान भीड़ भी लग गई, जिसके बार कार सवार भाग खड़े हुए. भीड़ को देखकर पुलिस भी आ गई.
पुलिस ने कहा कि बुजुर्ग का नाम मोहनलाल है. कार सवारों ने मोहनलाल को मुस्लिम समझ लिया था और जबरन जय श्रीराम के नारे लगाने को कहा. अब पुलिस उन कार सवारों को ढूढ रही है, जिन्होंने आपसी सौहार्द्र बिगाड़ने की प्रयास की है.