ट्रेन के सामने कूंद गई लडक़ी, रेलवे लाइन पर फैल गए शरीर के टुकड़ें, कारण आई सामने

कूलर चालू करके और बाहर से दरवाजे की कुंदी बंद कर घर से निकली छात्रा ने ट्रेन के सामने आकर जान दे दी। उसका शव विक्की फैक्ट्री के पास रेल पटरी पर पड़ा मिला। भाई का आरोप है बड़ी बहन का देवर ब्लैकमेल और टॉर्चर कर रहा था। उसी से परेशान होकर बहन ने यह कदम उठाया है। फिलहाल झांसी रोड पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
पुलिस के मुताबिक बजरंग नगर निवासी पूजा पुत्री मदन धानुक ने ट्रेन के सामने आकर जान दे दी। पूजा बैंकिंग की तैयारी कर रही थी मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे वह घर से चुपचाप निकल गई। उसके गायब होने का पता चलने पर घरवाले तलाश करते हुए विक्की फैक्ट्री के पास रेल पटरी पर भी पहुंचे वहां गैंगमैन से पूछा उसने भी कुछ नहीं बताया। लेकिन उसे अपना फोन नंबर दे आए। बुधवार सुबह करीब 6:00 बजे गैंगमैन का उनके पास फोन आया उसने पटरी पर लडक़ी का शव होने की घटना बताई इसके बाद घर वाले झांसी रोड थाना पहुंचे कपड़े देख कर उसकी पहचान की। पोस्टमार्टम हाउस जा कर पूजा के शव को भी पहचान लिया।

3 साल पहले सगाई

भाई विष्णु ने बताया पूजा की 3 वर्ष पहले बड़ी बहन के देवर पोहरी निवासी राहुल से सगाई हुई थी। विवाह की तारीख नजदीक आई तो वह लोग कार की मांग करने लगे जब पुलिस से शिकायत की कहा तो चुप हो गए। इसके बाद राहुल पूजा को टॉर्चर करने लगा उसे मैसेज करता तो कभी फोन पर परेशान करता। 

पूजा ने अपना नंबर भी बदल दिया तो राहुल उसे फोन लगाने लगा दबाव डालता पूजा से बात कराओ मना करने पर धमकी देता। वह अक्सर धमकी देकर बोलता के विवाह करूंगा तो पूजा से ही करूंगा। ब्लैकमेल कर रहा था। राहुल की हरकतों को देखकर पूजा उसके साथ विवाह नहीं करना चाहती थी। लेकिन राहुल उसे टॉर्चर करता था। उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से परेशान होकर पूजा को यह कदम उठाना पढ़ा।

विष्णु, पूजा का भाई

मां और भाई के सो जाने के बाद नर्सिंग छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव घर के एक कमरे में खिडक़ी पर लटका मिला। घरवालों का कहना है कि वह पढ़ाई में बहुत होशियार थी। फिर भी उसने खुदकुशी का कदम क्यों उठाया घरवाले भी नहीं समझ पा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस के मुताबिक गदाईपुरा निवासी विनीता यादव (24) पुत्री शिवनाथ सिंह यादव ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। विनीता नर्सिंग की अंतिम वर्ष की छात्रा थी। मंगलवार रात को मां और भाई के साथ खाना खाकर अपने कमरे में सोने चली गई। मां बाहर वाले कमरे में सोई हुई थी। भाई पहली मंजिल पर सोने चला गया। सुबह 5.30 बजे मां उठकर कमरे में उसे जगाने पहुंची। लेकिन दरवाजे की कुंदी अंदर से बंद थी।

कई आवाज दीं, लेकिन कोई जबाब नहीं मिला। खिडक़ी से झांका तो विनीता खिडक़ी पर दुपट्टे का फंदा गले में बांधकर फांसी पर लटकी हुई थी। बेटी को देखकर मां चीखी। चीख सुनकर भाई भी आ गया। किसी तरह दरवाजा खोला लेकिन तब तक विनीता की मौत हो चुकी थी। पुलिस को खबर मिली तो मौके पर आई। शव का पीएम भेजकर मर्ग कायम किया। कमरे की तलाशी ली। लेकिन कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

पिता का 8 वर्ष पहले हो चुका है निधन

विनीता के पिता का करीब 8 वर्ष पहले निधन हो चुका है। घर में कुन्द्रा देवी के अलावा दो भाई है। एक भाई बीना रिफाइनरी में है। दूसरा भाई लोडिंग वाहन चलाता है। घर की पूरी जिम्मेदारी मां ने संभाल रखी थी। रिश्तेदारों ने बताया कि विनीता पढ़ाई में काफी होशियार थी। 75 प्रतिशत से कम नंबर कभी नहीं आए। घरवाले भी हैरत में है कि आखिर ऐसी क्या बात हुई जो उसे फांसी लगानी पड़ी।