बच्चे के जन्म होते ही वो मर गया, परिवार बोला- पुलिस ने पैर रखकर उसे मार दिया

यूपी के उन्नाव में एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। दबिश देने गई पुलिस पर पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि दबिश देने के दौरान पुलिस उस वक्त घर में घुसी जब घर में नवजात के आने का खुशियां मना रहे थे। आरोप है कि उसी वक्त पुलिस घर के अंदर घुसी और नवजात को पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। 
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इस संबंध में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नवजात का पोस्टमॉर्टम हुआ। पीड़ित परिजनों ने बताया कि उन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई किए जाने का प्रतिक्षा है। इधर अपर पुलिस अधीक्षक ने बतायाा कि सीओ को जांच करने के लिए कहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गंगाघाट कोतवाली प्रभारी ने घटना को एक सिरे से नकार दिया है।

गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र का मामला
मामला गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के गोताखोर मोहल्ले का है। मोहल्ला निवासी अंजुम पत्नी राजा के घर में ही बच्चे को जन्म दिया था। अंजुम का आरोप है कि उसी वक्त पुलिस घर में घुसी और कमरे में आकर नवजात के ऊपर लात रख दी। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। जबकि वह लोग बताते रहे कि घर में बच्चा पैदा हुआ है। किन्तु, पुलिस अंदर घुस आई और उसी वक्त लाइट चली गई। पुलिस को देखकर राजा मौके से भागने लगा। जिसके बाद पुलिस ने पीछा किया और नवजात के ऊपर पैर रखते हुए निकल गए। जिससे नवजात की मौत हो गई। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
इस संबंध में बातचीत करने पर अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार पांडे ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए बताया। गंगा घाट कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पुलिस मकबूल के घर पर दबिश देने अवश्य गई थी। किन्तु गलती से राजा के घर का दरवाजा खटखटा दिया। महिला द्वारा घर में गमी होने की बात बताए जाने पर पुलिस वापस लौट आई। थानाध्यक्ष ने बताया कि अंजुम के पति राजा पर कई मुकदमे हैं। वह जेल भी जा चुका है।