इलाहाबाद से भागकर भोपाल की रेस्टोरेंट में रचाई शादी, और फिर बोली, "पिता जी से जान को है खतरा"

बरेली के विधायक की बेटी दीक्षा मिश्रा की प्रेम कहानी पर देश में हंगामा मचा हुआ हैं।तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के ही इलाहाबाद की रहने वाली और पूर्व उप महापौर की पोती दीक्षा अग्रवाल ने भोपाल के एक लड़के से रेस्टोरेंट में विवाह रचाई हैं।इसके बाद लड़की के सदस्यों ने भोपाल में आकर लड़के के घरवालों से बदसलूकी की हैं।लड़की ने वीडियो लागू कर अपनी जान का खतरा बताया हैं।
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दरअसल, इलाहाबाद की लड़की ने भोपाल के कोलार स्थित राजहर्ष कॉलोनी में रहने वाले ऋतुराज सिंह राजपूत से विवाह की हैं।ऋतुराज ( rituraj singh rajput ) गुजरात की एक कंपनी में इंजीनियर हैं।पांच जुलाई को दोनों ने भोपाल में विवाह की।विवाह की जानकारी मिलते ही दीक्षा अग्रवाल के सदस्य अपने समर्थकों के साथ भोपाल पहुंच गए।ऋतुराज ने बताया कि वे लोग सभी को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
शनिवार के दिन दीक्षा के सदस्यों ने भोपाल स्थित ऋतुराज के घर र तोड़फोड़ की।इससे ऋतुराज की मां बेहोश होकर घर में गिर गई।वहीं,हादसे की जानकारी मिलने के बाद डायल 100 लड़के के घर पर पहुंच गई।जबकि इस मामले में पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की हैं।सदस्यों के हंगामे के बाद लड़की दीक्षा ने खुद को दीक्षा अग्रवाल राजपूत बताते हुए एक वीडियो शेयर किया हैं।

जान को बताया खतरा
दीक्षा अग्रवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। उस वीडियो में दीक्षा अग्रवाल ने कहा कि मैंने पांच जुलाई को पूरे होशो हवाश में अपनी मर्जी से भोपाल में ऋतुराज सिंह से विवाह की हैं।मैं अपनी दादाजी और इलाहाबाद के पूर्व उप महापौर श्री मुरारी लाल अग्रवाल,मेरे पिता जी पवन अग्रवाल,मेरी बुआ और फुफा और दुबे जी आपलोगों से निवेदन करती हूं कि कृप्या पुलिस-प्रशासन की सहायता से और अपना पॉलिटिक्ल पावर प्रयोग कर हमें तंग करना बंद कर दें।

मैं पति के साथ जीना चाहती हूं
दीक्षा अग्रवाल ने वीडियो में कहा कि मैं बहुत खुश हूं और अपने पति के साथ बहुत सुख-चैन से जीना चाहती हूं। इसलिए मुझे,मेरे पति को और मेरे ससुराल पक्ष को तंग करना बंद कर दें।मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आप मुझे कोई धमकियां न दें।यदि भविष्य में मुझे कोई भी हानि पहुंचती है तो इसके जिम्मेवार आप लोग होंगे।
वहीं,लड़के के घरवालों का कहना है कि मैं दीक्षा के सदस्यों को बता चुका हूं कि वे लोग छह जुलाई को विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए निकले थे। उसके बाद घर लौटकर ही नहीं आए हैं।इसके साथ ही हमें उनलोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। दीक्षा के पिता पवन अग्रवाल ने कहा कि उनकी बेटी से ये सब कुछ बंदूक की नोंक पर कहवाया जा रहा हैं।मैं भी दोनों को आशीर्वाद देने आया था।लेकिन उसके ससुराल के लोग हमसे मिलवा नहीं रहे हैं।