ऑटो में भूल गए 80 हजार रुपए, ड्राइवर ने लौटा दिए, बदले में मालिक ने उसके दिया कुछ ऐसा...

हम सभी अक्सर आपने सामान को लेकर लापरवाही दिखाते हैं और जल्दबाजी में अपने ही सामान को बस, ट्रेन या ऑटो कहीं भी गलती से छोड़ आते हैं। जब याद आता है कि सामान कहीं छूट गया है तो फिर पसीने छूटने लगते हैं क्योंकि ऐसी स्थनों से फिर सामान तो वापस मिलने को रहा। 
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औऱ अगर गलती से पैसे वाला पर्स कहीं छूट गया तो फिर कोई भी नहीं लौटाने वाला। पैसे पर किसी का नाम तो नहीं लिखा होता, हम यही सोचते हैं ना? आपकी इसी सोच को बदलने के लिए हम आपको एक सच्ची घटना बताते हैं जिसे जानकर आपका मानवता पर विश्वास और बढ़ जाएगा।

ऑटो में छूटे 80 हजार रुपए
मुंबई में ऑटो चलाने वाले अमित गुप्ता के साथ एक दिन ऐसी ही घटना हुईं। उनके ऑटो में चेंबूर में अरुणोदय इंग्लिश स्कूल चलाने वाली सरला नंबूदरी नाम की एक महिला बैठीं जिनके पास एक बैग था औऱ उसमें तकरीबन 80,000 रुपए थे। 21 दिसंबर को वो ऑटो में बैठीं औऱ फिर जब उतरीं तो पर्स ऑटो में भूल गईं। कुछ दूर चलने के बाद याद आया कि उनका बैग खो गया है। उस बैग में स्कूल फीस के 80, 000 रुपए, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मोबाइल फोन, घर और लॉकर की चाभियां थी।

उन्हें जब याद आया की पर्स ही छोड़ आई हैं तो उनकी हालत खराब होने लगी। पर्स में बहुत से आवश्यक सामान था ।आ और उनका खो जाना उनके लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता था।सरला ने कहा कि मुझे इस समय समझ नहीं आ रहा था की क्या करुं। मैं स्कूल गई और चपरासी को बताया की वो किसी भी तरह से उस ऑटो वाले को ढूंढे जिसके पास उनका बैग छूटा है।

पैसे मिलने पर सरला ने दिया ये तोहफा
चपरासी ने खोजबीन शुरु की तो पान की दुकान पर जाने पर पता चला की जिस ऑटो में सरला बैठीं थीं उस ड्राइवर का नाम अमित गुप्ता था। उन्हे जैसे ही इतना पता चला उन्होंने पुलिस शिकायत कराने की सोची, किन्तु उन्होंने देखा की ऑटो चालक अमित गुप्ता, खुद बैग लौटाने स्कूल तक आ गया था। अमित ने कहा कि दूसरे व्यक्ति की नजर उस बैग पर पड़ी थी तो उसे याद आया की ये सरला का बैग है।
अमित उन्हें बैग देकर चले गए और सरला ने उन्हें धन्यवाद कह कर अलविदा कह दिया, किन्तु उन्हें याद आया की वो अमित का नंबर देना भूल गईं। उन्होंन ठान लिया था कि वो अमित के लिए कुछ करेंगी। वो अमित का नंबर लेने दुकान वाले के पास गई तो उन्हें गलत नंबर मिल गया। किसी तरह उन्होंने अमित का नंबर लिया और उन्होंने उसे स्कूल बुलवाया। अमित से बातचीत कर उन्हें पता चला की अमित के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नही है। सरला ने निर्णय किया की उनके दोनों बच्चों को वो फ्री में पढ़ाएंगी और साथ ही अमित को वो 10 हजार रुपए भी इनाम के रुप में दिए।