रेलवे क्रॉसिंग पर 35 मिनट दहाड़ते रहे 3 बाघ, स्वयं को कमरे में बंद कर गेटमैनों ने बचाई कपनी जान

कतर्नियाघाट रेंज के बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग पर मंगलवार दोपहर में बाघ की दहाड़ सुनाई दी। इस पर काम कर रहे गेटमैन भागकर कमरे में घुस गए। मात्र पांच मिनट ही बीता था कि दो बाघ रेलवे क्रॉसिंग पर आकर खड़े हो गए। खिड़की से बाघों को देख दोनों गेटकर्मी भयभीत हो गए। फोन से स्टेशन पर सूचना दी। 
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स्टेशन अधीक्षक की सक्रियता पर वन क्षेत्राधिकारी ने क्षेत्र में विशेष टीम को गश्त के लिए लगाया है। बाघ क़रीब 35 मिनट खड़े दहाड़ते रहे। इसके बाद घने जंगल की ओर चले गए। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में बिछिया रेलवे स्टेशन है। इस रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के निकट मैलानी-गोंडा प्रखंड पर रेलवे क्रॉसिंग संख्या 97 है। यहां पर गेटमैन गौतम और निरंजन की ड्यूटी है।
मंगलवार सुबह दोनों गेटमैन रेलवे क्रॉसिंग गेट के पास काम कर रहे थे। तभी बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ी। जिस पर दोनों गेटमैन भागकर पास में स्थित रेलवे क्वार्टर में घुस गए। दोनों ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।बहुत मुश्किल से पांच मिनट बीता था। दो बाघ रेलवे क्रॉसिंग पर आकर खड़े हो गए। पुन: बाघों ने दहाड़ा। रेलवे क्रॉसिंग मार्ग घने जंगल के बीच होने से संयोग से उस वक्त कोई गुजर नहीं रहा था। 
वहीं क्वार्टर के अंदर से खिड़की से बाघों को देख दोनों गेटमैन को पसीने छूट गए। किसी प्रकार से गेटमैन गौतम ने स्टेशन अधीक्षक को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। किन्तु तब तक बाघ जंगल की ओर चले गए थे। गेटमैनों के अनुसार, क़रीब 35 मिनट तक दोनों बाघ उपस्थित रहे। घटना से रेलकर्मी दहशत में हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन ने बताया कि वनकर्मियों की विशेष टीम क्षेत्र में गश्त के लिए लगाई गई है।