मित्र पहुंचा घर तो यह था नजारा, देखा तो हो गए रौंगटे खड़े

तिलक नगर इलाके में निजी कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना दो-तीन दिन पुरानी बताई जा रही हैं।इसी के चलते तार टूटने से लाश भी जमीन पर गिर गया था।
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तिलक नगर निवासी अमर (50) पिता अरुण प्रधान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।एसआई गुलाब सिंह रावत ने बताया कि अमर के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हैं।एक बहन है जो बड़ौदा में रहती हैं।उसका पत्नी से विवाद था जिसके चलते वह तीन साल से अपने बेटे के साथ बड़ौदा में अपने मायके में रह रही थीं।वह लसूडिय़ा स्थित भोपाल मोटर्स में मैकेनिकल इंजीनियर था।बतातें है कि कुछ सालो से अमर काफी ज्यादा शराब पीने लगा।इसी के चलते पत्नी से विवाद रहने लगा।पत्नी व बेटे के चले जाने के बाद से वह और अधिक तनाव में रहने लगा।

 दो-तीन दिन से उसे किसी ने नहीं देखा था।सोमवार सुबह मित्र वासुदेव घर पहुंचा तो चेनल गेट पर ताला था।लेकिन अंदर घर का दरवाजा खुला हुआ था।उसने मकान मालिक को बुलवाकर चेनल गेट का ताला खुलवाया।अंदर गए तो कमरे में जमीन पर अमर का लाश मिला।उसके गले में वायर बंधा था।उसका दूसरा हिस्सा पंखा पर था।फांसी लगाने के बाद वायर टूटने पर वह नीचे गिर गया।

उसके पास एक सुसाइड नोट भी मिला।इसमें लिखा था कि मैने अपनी जिंदगी में किसी को धोखा नहीं दिया हैं।में जिंदगी से परेशान हो गया हूं इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं।तीन साल पहले भी में आत्महत्या करना चाहता था लेकिन नहीं कर पाया।आज हिम्मत जुटाई है तो कर रहा हु।इस सुसाइड नोट पर 15 जून लिखा हैं।इससे लगता है कि इसी दिन उसने आत्महत्या की।सोमवार को एमवाय अस्पताल में उसका पोस्टमॉर्टम हुआ।तिलक नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की हैं।