बेटे ने लिवर, पत्नी ने किडनी दान कर जान बचाई हैं राजोर रहमान की

दिल्ली में एक 54 वर्षीय रोगी की किडनी और लिवर खराब होने पर उसके बेटे और पत्नी ने अंग दान कर जान बचाई हैं।मुंबई के रहने वाले राजोर रहमान की किडनी और लिवर दोनों ने काम करना बंद कर दिया था। 
उनकी जान पर बन आई थी, लेकिन उनके बेटे और पत्नी ने अंग दान कर उनकी जान बचा ली।रोगी की 46 वर्षीय पत्नी किश्व निषात ने अपनी किडनी दान की और उनके 25 वर्षीय बेटे शानूर रहमान ने अपना लिवर दान किया। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि राजोर रहमान की किडनी और लिवर खराब हो गए थे।

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वह लंबे वक्त से डायबिटीज के रोगी थे।10 साल पहले उनकी भोजन नालिका खराब हो गई थीं।दिसंबर 2018 में उन्हें कमजोरी के बाद मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।यहां जांच की गई तो किडनी की बीमारी से पीड़ित होने का पता चला।उन्हें यहां लाने का सुझाव दिया गया। यहां लिवर और किडनी के प्रत्यारोपण की अनुमति दी गई। 24 घंटे चली सर्जरी में उनके दोनों अंग साथ प्रत्यारोपित किए गए। डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी हैं।

परिवार के तीनों लोगों की एक साथ सर्जरी

रहमान ने बताया कि जब उन्हें एक साथ लिवर और किडनी दोनों के प्रत्यारोपण कराने की अनुमति मिली तो वे चिंतित हो गए।वजह थी कि परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी और बेटे की भी एक साथ सर्जरी होनी थीं।ऐसे में वे काफी परेशान थे लेकिन परिजनों ने उनका हौसला बढ़ाया और सर्जरी के लिए राजी कर लिया।डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि लिवर और किडनी का एक साथ काम करना बंद हो जाए तो मरीज के लिए जान का डर बन जाता हैं।लिवर खराब होने से दिल की बीमारियां होने का डर भी काफी हद तक बढ़ जाता हैं।